अपने सौतेले मुस्लिम पिता से मैंने सभी मज़हब का सम्मान करना सीखा है: बराक ओबामा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दुनिया को सहिष्णुता, संयम और दूसरों के प्रति सम्मान के लिए खड़ा होने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने ये चेतावनी भी दी है कि सांप्रदायिक राजनीति कर रही सरकार अराजकता और हिंसा को जन्म दे सकती है।

केन्याई पिता और एक अमेरिकी मां से पैदा हुए ओबामा ने शनिवार को इंडोनेशिया में एक फ्रीवेहाइलिंग भाषण में अपने मुस्लिम सौतेले पिता की एक उदाहरण देते हुए सभी धर्मों को बराबरी देने के मुद्दे पर बात की। ओबामा ने यहाँ आकर अपने बचपन के दिनों को याद किया और बताया कि वह जब 6 साल के थे, तब उनका परिवार जकार्ता में स्थानांतरित हुआ और चार साल तक रहे हैं।

ओबामा ने कहा कि मेरे सौतेले पिता मुस्लिम धर्म से जुड़े हुए थे, लेकिन वह हिंदुओं, बौद्धों और ईसाईयों का भी उतना ही सम्मान करते थे जितना मुस्लिम धर्म का। आज के वक़्त में कुछ देशों ने “एक आक्रामक राष्ट्रवाद” अपना लिया है और जिससे अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। सभी धर्मों को साथ लेकर ही हमने बहुत कुछ हासिल किया है।

अगर हम सहिष्णुता और संयम और दूसरों के प्रति सम्मान के लिए खड़े नहीं होते हैं तो हम वो मुकाम खो देंगे और जो प्रगति हमने की है, वह जारी नहीं रहेगी।