मध्यप्रेदश के सीएम शिवराज के गढ़ में घुसकर भाजपा को ललकारेंगे RUC अध्‍यक्ष आमिर रशादी

लखनऊ।राष्‍ट्रीय उलेमा कौंसिल के अध्‍यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने भोपाल मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया है। उन्‍होंने अह्वान किया है कि यदि भाजपा सरकार ममाले की जांच नहीं कराती है तो मैं खुद भोपाल जाकर हालात का जायज़ा लूंगा और फिर भाजपा सरकार की मुस्लिम दमन नीति का पर्दाफाश करूँगा।

साथ ही आगे की रणनीत तैयार कर राष्‍ट्रीय उलेमा कौंसिल जन आंदोलन करेगी। मीडिया से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि भोपाल मुठभेड़ आतंकवादियों का एनकाउंटर नही बल्कि मुसलमानोंं का क़त्ले आम किया है। मध्यप्रदेश के भोपाल सेंट्रल जेल से महफूज़ हालात मेंं फरार हुए 8 सिमी कार्यकर्ताओं का जेल से 9 या10 किलोमीटर दूर ईंटखेड़ी गाँव में पुलिस ने एनकाउन्टर भी कर दिया पुलिस ने चाह कर भी सिमी के उन आठों आतंकियो में से एक को भी जिन्दा पकड़ने की कोशिस भी नहीं की जिससे की सारी सच्चाई सामने आ जाती।

मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि यह पुलिस का मुसलमानो केे विरुद्ध षड्यंत्र है, इसमें सरकार भी शामिल है। सरकार इस पूरे मामले की जांच कराये और दोषियों के खिलाफ कड़ी करार्रवाई करे। और है अगर हमारी मांग पूरी नहीं होती है तो राष्‍ट्रीय उलेमा कौंसिल की मध्यप्रदेश यूनिट इसके लिए आंदोलन भी करेगी। हमारी पार्टी के लोग पीड़ितों के परिवार से सम्पर्क कर रहे हैं और उन्हें ज़रूरत पड़ी तो राष्‍ट्रीय उलेमा कौंसिल इस घटना की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायलय तक लड़ने को तैयार है।

मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि भोपाल सेंट्रल जेल देश के चुनिंदा आधुनिक एवम अति सुरक्षित जेलों मे माना जाता तो ऐसे कैसे हो सकता है की 8 बन्दी एक गार्ड का मर्डर भी कर देते हैं और फिर भाग भी जाते हैं और किसी को कानोंं कांन खबर भी नही लगती दूसरा सवाल ये कि जेल से भागने के 9या10 घंटे बाद ही आठों बंदी 10 किलोमीटर भी नही भाग पाये और एक साथ एक जगह टापू पर छिपे रहे और पुलिस ने पकड़ने की वजाये उन्हें मार गिराया ये सब सरकार की सोची समजी साज़िस है।

उन्‍होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के ग्रह मंत्री कहते हैं कि फरार कैदियों के पास कोई हथियार नही था तो वहीं पुलिस के आला अधिकारी कह रहे हैं की वो हथियारों से लैस थे और उन्होंने पुलिस पे फायर किये जिसके बदले मे पुलिस ने उन्हें जबाबी फायरिंग में मार गिराया। उपरोक्त परिस्थितियां इस बात को और बल देती हैं की एनकाउन्टर विल्कुल फ़र्ज़ी है इसलिए न्यायहित मे तत्काल Judicial जांच लाज़मी है।

ऐसे क्या हालात पैदा हो गए कि पुलिस को आठों कैदियों को जान से मारना पड़ा? क्या उनमे से कोई ज़िंदा नही पकड़ा जा सकता था? एनकाउन्टर मे किसी पुलिस वालों को खरोच तक नही आई और पुलिस ने फिर भी आठों को ज़िंदा मार दिया? जेल से निकलते ही उन्हें नए कपड़े, जूते और घड़ी मिल गयी पर भागने के लिए एक गाड़ी नही मिल सकी? क्या चम्मच से किसी की गर्दन रेती जा सकती है और लकड़ी की चाभी से जेल के ताले खोले जा सकते हैं? सरकार और पुलिस को इन सवालों का जवाब देना ही होगा।

मौलाना रशादी ने कहा कि अगर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार तत्काल जांच के आदेश नही देती तो बहुत जल्द ही मैं खुद भोपाल पहुंचकर हालात का जायज़ा लूंगा और फिर भाजपा सरकार की मुस्लिम दमन नीति का पर्दाफाश करूँगा और आगे की रणनीत तैयार कर राष्‍ट्रीय उलेमा कौंसिल जन आंदोलन करेगी।

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