मोदी सरकार के खिलाफ दरगाह आला हजरत का बड़ा एलान

समान नागरिक संहिता पर केंद्र सरकार का विरोध लगातार बढ़ता ही जा रहा हैं। बरेली की विश्व प्रसिद्ध दरगाह आला हजरत ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है। बरेलवी उलेमाओं ने घोषणा की है कि जिस तरह से नसबंदी क़ानून का विरोध किया गया था उसी तर्ज पर समान नागरिक संहिता का भी विरोध किया जाएगा। दरगाह आला हजरत पर आयोजित हो रहे 36वें उर्स-ए-नूरी में इस बात का एलान किया गया। अब सुन्नी पूरे मुल्क में मुस्लिम पर्सनल लॉ की हिफाजत के लिए तहरीक चलाएंगे।

दरगाह प्रमुख हजरत सुब्हानी मियां की सरपरस्ती और सज्जादा नशीन हजरत एहसन मियां की अध्यक्षता में शनिवार को 36वें उर्स-ए-नूरी के आखिरी कार्यक्रम का आयोजन दरगाह आला हजरत पर हुआ। कार्यक्रम का आगाज कुराने पाक की तिलावत से कारी रिजवान ने किया। उर्स-ए-नूरी की ऐतिहासिक हैसियत पर प्रकाश डालते हुए दरगाह के प्रवक्ता मुफ़्ती सलीम नूरी ने बताया कि उर्स-ए-नूरी आला हजरत इमाम अहमद रजा फाजिले बरेलवी के छोटे शहजादे सरकार मुफ़्ती आजम-ए-हिन्द अल्लामा मुस्तफा रज़ा खां की याद में मनाया जाता है। उर्स-ए-नूरी ना सिर्फ बरेली में बल्कि पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

उर्स में कहा गया कि जिस तरह से मुफ़्ती-ए-आजम हिन्द के फतवे के बाद पूरे देश में नसबंदी के खिलाफ आवाज उठी थी। इसी तरह अब अहले सुन्नत पूरे देश में समान नागरिक संहिता के खिलाफ और मुस्लिम पर्सनल लॉ की सुरक्षा के लिए आवाज बुलन्द करेगी। इसके साथ ही उन्होंने सऊदी हुकूमत द्वारा हज और उमरा पर टैक्स लगाने को जालिमाना फैसला बताया गया।

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