डीएसपी जिया उल हक हत्याकांड में हुआ एक नया खुलासा – पड़े पूरी ख़बर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मंत्रिमंडल के सदस्य राजा का नाम एक बार फिर डीएसपी जिया उल हक हत्या कांड में आ गया है। उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और कुंडा छेत्र से विधायक रघुराज सिंह उर्फ़ राजा भईया पर डीएसपी जिया हक़ हत्त्या कांड के मुख्य आरोपी पवन यादव ने जिया उल हक की का जिम्मेदार राजा भईया को बताया है।

जबकि सीबीआई द्वरा राजा भईया को क्लीन चिट दे दी गई थी। जबकि पवन यादव अगस्त 2014 से जिया उल हक हत्या कांड के आरोप में जेल में बंद है। पवन यादव ने जिया उल हक की पत्नी परवीन बनो को पत्र लिख कर जिया उल हक हत्या कांड का पूरा जिम्मेदार राजा भईया को बताया जिले में बंद पवन यादव के अनुसार राजा भईया का ख़ास आदमी नन्हे सिंह यादव ने ही डीएसपी जिया उल हक को गोली मारी थी।

पवन यादव ने द्वरा लिखे गए खत में लिखा की सीबीआई द्वरा ज़िया उल हक़ हत्या कांड की जाँच सही तरीके से नहीं की गई। राजा भैया के कुछ लोग है। जिनके सम्बन्ध सीबीआई से है। और वह लोग सीबीआई की सेवा में लगे रहते है। सीबीआई के अधिकारियों को कुंडा विद्यायक रहा भैया की तरफ से साडी सुविधाये मिलती है।

पवन यादव के अनुसार ज़िया उल हक को गोली मार कर उन्हें सड़क पर छोड़ दिया गया था। इस हत्या कांड की जाँच में सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा था की डीएसपी जिया उल हक की हत्त्या मारपीट की वजह से हुई थी। उन्हें गोली बाद में मारी गई थी।

इस चिट्ठी के आने के बाद डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन बनो ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दायर कर इस हत्त्या कांड की जाँच एसआईटी द्वरा कराने की मांग की है। मार्च 2013 को उत्तर प्रदेश से डीएसपी ज़िया उल हक सहित 3 लोगों की बड़ी ही बेरहमी से हत्त्या कर दी गई थी।

जेल में बंद पवन यादव द्वरा लिखे गए खत के बाहर आने के बाद एक बार फिर राजा भईया, अखिलेश सरकार के नुमाइंदे सहित सीबीआई के शक के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है की दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अपनी क्या प्रतिकिर्या देता है। या फिर इस हत्त्याकांड की जाँच पुनः एसआईंटी द्वरा कराने के आदेश दिए जाएंगे।

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