गुजरात के एक मुसलमान किसान का दिल हिन्दू को दिया गया

अहमदाबाद, 19 दिसंबर (वार्ता) गुजरात में हृदय प्रत्यारोपण की पहली घटना ने ही हिन्दू मुस्लिम एकता की बेहतरीन मिसाल पेश की है।

यहां एक निजी अस्पताल में जीवन और मौत से जूझ रहे जामनगर निवासी एक हिन्दू युवक आशीष को भावनगर के एक मुस्लिम परिवार ने धार्मिक बंदिशों से ऊपर उठते हुए अपने ब्रेन डेड बेटे आसिफ का हृदय लगाने की अनुमति दे दी।

सोमवार को हुए इस हार्ट ट्रांसप्लांट में ब्रेन डेड आसिफ जुनेजा के दिल को भावनगर से हवाई जहाज के जरिए अहमदाबाद लाया गया और अंबलिया का हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया.

जुनेजा के दिल को सोमवार को भावनगर से सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर चार्टर्ड प्लेन से लाया गया. भावनगर सिटी से एयरपोर्ट और हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया था. इसके बाद सुबह 9.30 बजे सर्जरी शुरू हुई थी और तकरीबन 4 घंटे की मेहनत के बाद डॉक्टर्स ने सफलतापूर्वक हार्ट ट्रांसप्लांट किया.

दरअसल, जुनेजा 17 दिसंबर को एक रोड एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें भावनगर के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें 20 दिसंबर को उन्हें ब्रेन डेड करार दे दिया गया.

भावनगर के चैरिटेबल हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन डॉक्टर राजेंद्र कबारिया ने बताया, ‘हमने जुनेजा के परिवार से उनके अंगदान करने के लिए संपर्क किया और वे राजी हो गए. दिल के अलावा जुनेजा की दो किडनी, लिवर और अग्नाश्य भी चार अन्य जरूरतमंदों को दिए जाएंगे.

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