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IBN7 के पत्रकार ने दिया इस्तीफ़ा,कहा कि चैनल कश्मीर पर फर्ज़ी स्टोरी करने का दबाव बना रहा था

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IBN7 के लिए फर्ज़ी और मनगढ़ंत स्टोरी करने के दबाव में एक कश्मीरी पत्रकार नसीर अहमद ने इस्तीफ़ा दे दिया है। 16 साल तक ज़ी न्यूज़ नेटवर्क में काम करने के बाद नसीर नवंबर 2014 में IBN7 से जुड़े थे।

इस्तीफ़े के बाद कश्मीर की समाचार एजेंसी CNS से नसीर ने कहा, ‘चैनल मुझपर कश्मीर विरोधी रिपोर्ट करने का दबाव बना रहा था। लिहाज़ा, नैतिक आधार पर मैंने इस्तीफ़ा दे दिया है। चैनल पूर्वग्रह से ग्रसित है और उसने कश्मीर पर की गई मेरी ग्राउंड रिपोर्ट को एयर करने से मना कर दिया।’ नसीर ने यह भी कहा, ‘चैनल को कश्मीर में मारे जा रहे नागरिकों की कोई चिंता नहीं है। उसका अपना अजेंडा है और दुनिया में कश्मीर की छवि ख़राब करने के इरादे से तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर रहे है।’

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उन्होंने कहा, ‘जुलाई में हिज़बुल कमांडर बुरहान वानी की हत्या के बाद IBN7 के संपादकीय बोर्ड ने मुझसे बुरहान के ख़िलाफ़ मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। मैंने जब मना किया तो चैनल ने जम्मू के रिपोर्टर से संपर्क किया। फिर जम्मू के रिपोर्टर ने जम्मू से ही वह स्टोरी तैयार करके चैनल को भेज दी। नसीर का आरोप है कि IBN7 तथ्यों को हमेशा तोड़ता-मरोड़ता है और झूठ के सहारे भारतीय नागरिकों को भ्रामक जानकारी दे रहा है।’

नसीर ने कहा, ‘मैं आश्चर्यचकित था जब चैनल ने श्रीनगर शहर के एक एटीएम गार्ड की स्टोरी एयर करने से मना कर दिया। गार्ड जब ड्यूटी से घर लौट रहा था, तभी सीआरपीएफ ने पैलेट गन से उसकी हत्या कर दी थी।’ इस स्टोरी को एयर करने की बजाय चैनल ने मुझसे कहा कि कश्मीर में किसी घायल जवान को ढूंढकर उसपर स्टोरी तैयार करो।

मैं हमेशा चैनल को तथ्यों पर आधारित स्टोरी भेजता था लेकिन उसने हमेशा छेड़छाड़ करने के अलावा उसमें आतंकवाद का एंगल घुसाकर स्टोरी प्रसारित की।’

‘मैं इस कट्टर चैनल की भूमिका के विरोध में नौकरी से इस्तीफा दे रहा हूं जो अंध राष्ट्रवाद को हवा दे रहा है। यह चैनल अपने ही लोगों का नुकसान कर रहा है और कश्मीर के बारे में गलत जानकारी दे रहा है। कुछ ख़ास किस्म के लोगों के दिल को ठंडक पहुंचाने के इरादे से कश्मीर पर फर्ज़ी स्टोरी चला रहा है और मेरे ज़मीर ने मुझे फर्ज़ी स्टोरी करने की इजाज़त नहीं दी।’ नसीर ने यह भी कहा कि IBN7 में पारदर्शी व्यवस्था नहीं है और जब मामला कश्मीर का होता है तो यह अंध राष्ट्रवाद का अनुसरण करने लगता है। #source बोलता हिंदुस्तान

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