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नव मुस्लिम महिलाओ ने सिरे से ख़ारिज किया दावा “हमारे साथ जबरन धर्मान्तरण नहीं हुआ’

डॉ ज़ाकिर नाइक के संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन से जुड़े दो लोगो को गिरफ्तार करने के बाद जांच एजेंसिया लगातार इस बात की सच्चाई में लगी है कि कही जबरन धर्मान्तरण का कोई मामला तो नहीं है , अभी हाल ही में एक समारोह में 16 लोगो ने अपनी जीवन गाथा बताई कि कैसे उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम को चुना और यह सफर उनके लिए कितना मुश्किल भरा था।

इंडिया टुडे ने 22 वर्ष पहले से लेकर नवमुस्लिम महिलाओ से इंटरव्यू लिया। इनमे से एक उसी रिज़वान खान को जानती थी जिन्हें अभी महाराष्ट्र ए टी एस ने कथित तौर से आईएस की भर्ती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन महिलाओ ने किसी भी तरह के जबरन धर्मान्तरण से साफ़ इनकार किया।

आयेशा रोड्रिगेज़ , जिनका पहले नाम मोनिका रोड्रिगेज़ था , पहले ईसाई थी और अभी हाल ही में इस्लाम धर्म कबूल किया है।वह बताती है :

“रिज़वान खान ने मेरी शादी करने में मदद की और हमेशा मेरा साथ दिया क्योकि स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाने के बाद मुझ पर बहुत कठिनाइयां आ गयी थी।  मुझे नहीं लगता ऐसा करना कोई गलत काम है “

इस्लाम में महिला अधिकारों ने मुझे आकर्षित किया 

इन्ही महिलाओ में से एक सना अंसारी( बदला हुआ नाम ) है , जिनका पूर्व में नाम रुपाली परमार था। वह 22 वर्ष पूर्व स्वेच्छा से इस्लाम शरण में आगयी थी।  आज वह एक उद्यमी है और अपने पति के साथ मिलकर व्यवसाय करती है। वह कहती है कि इस्लाम में महिला अधिकारों ने मुझे इस्लाम की तरफ आकर्षित किया।  उन्होंने यह भी दावा किया कि आज अधिकतर मुस्लिम महिलाये अपने अधिकारों को लेकर जागरूक तक नहीं है।  वह कहती है

” मैं 1994 में स्वेच्छा से इस्लाम की शरण में आई थी। इस्लाम में महिला अधिकारों को जान कर ही मैंने इस्लाम को चुना था। इसकी वजह से मुझे घर तक छोड़ना पड़ा था और हॉस्टल में रहना पड़ा लेकिन कई सालो बाप मेरे परिवार ने मुझे अपना लिया है। किसी का जबरन धर्मांतरण , यह बात ही मज़ाक है क्योकि धर्म बदलने की एक पूरी प्रक्रिया है जिसमे एफिडेविट तथा अन्य दौर से गुज़ारना पड़ता है। “

इन सभी महिलाओ ने नरीमन पॉइंट में हुए ऑल इंडिया दावाह सेण्टर एसोसिएशन (AIDCA) के समारोह में भाग लिया था। AIDCA भारत भर में फैले मुस्लिम समाज सेवा संगठनो का संगठित संगठन है।  इस समाहरोह में अलग अलग विचारधारा रखने वाले लोगो को बुलाया गया था।  जिनमे देश भर में घूम घूम कर इतिहास के बारे में सच्चाई बताने वाले श्री राम पुंनियाणी तथा नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले ज़फर सरेशवाला भी थे। #source Hindi Ustaad

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