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अमिताभ बच्चन को न्योता दिया ऊना के दलितों ने, बोले महसूस करें ‘बदबू गुजरात की’

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अमिताभ बच्चन ने पीएम नरेंद्र मोदी के आग्रह पर ‘खुशबू गुजरात की’ का विज्ञापन किया था। अब दलितों ने मरे हुए जानवरों को उठाना बंद कर दिया है तो कुछ दिन यहां आकर गुजारे और ‘बदबू गुजरात की’ को भी महसूस करें।

गुजरात के ऊना दलित अत्याचार लड़त समिति (UDALS) ने बॉलीवुड स्टार और गुजरात टूरिज्म का प्रमोशन करने वाले अमिताभ बच्चन को पोस्ट कार्ड भेजकर ‘गुजरात की बदबू’ सूंघने के लिए आमंत्रित किया। बता दें कि बिग ‘खूशबू गुजरात की’ और ‘कुछ दिन तो गुजारिए गुजरात में’ टैगलाइन के साथ गुजरात टूरिज्म का प्रमोशन करते हैं। UDALS के संयोजक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि वे लोग 13 सिंतबर को शहर में पब्लिक मीटिंग का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें हजारों की संख्या में दलित परिवार शामिल होंगे और बच्चन को पोस्ट कार्ड लिखेंगे।

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टीओआई के मुताबिक मेवानी ने कहा कि अमिताभ बच्चन ने पीएम नरेंद्र मोदी के आग्रह पर ‘खुशबू गुजरात की’ का विज्ञापन किया था। अब दलितों ने मरे हुए जानवरों को उठाना बंद कर दिया है तो कुछ दिन यहां आकर गुजारे और ‘बदबू गुजरात की’ को भी महसूस करें। बता दें कि ऊना में दलितों पर हुए अत्याचार के बाद से दलितों ने मरे हुए जानवारों को न हटाने का फैसला किया था।

इसकी वजह से कई जगहों पर लोगों को भंयकर बदबू का सामना करना पड़ रहा है। दलित संगठन ने यह भी कहा कि दलितों के अलावा भूमिहीन अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आंदोलन चलाया जाएगा। मेवानी ने कहा कि रेल रोको आंदोलन की तारीख जल्द घोषित कर दी जाएगी।

बता दें कि गुजरात के ऊना में गौ हत्या के शक में कथित गौ रक्षकों ने दलित परिवार को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की थी। जिसके बाद से गुजरात में दलितों का गुस्सा फूट पड़ा और सरकार के खिलाफ दलित समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आएं। साथ ही उन्होंने मरे हुए जानवारों को न हटाने का फैसला किया।

पीड़ित बालू सावरिया ने बताया था कि उन्होंने गाय को मारा नहीं था। उन्हें नाजाभाई अहीर जो कि बेदिया गांव में रहते हैं उनके यहां से कॉल आया था। नाजाभाई ने उनसे कहा था कि उनकी गाय को शेर ने मार दिया है और उन्हें शव को हटाने के लिए मदद चाहिए।

बालू ने बताया कि उन्होंने वासाराम, उसके भाई रमेश, चचेरे भाई अशोक और रिश्तेदार बेचारभाई को गाय का शव लेने के लिए भेजा था। वे लोग अपने गांव से 2 किलोमीटर दूर चमड़ी निकाल रहे थे। तब एक सफेद रंग की गाड़ी वहां से गुजरी और फिर वह दोबारा घूमकर आई। इसबार उसके साथ मोटरसाइलें भी थीं। जिनपर 30-35 लोग सवार थे। बालू के मुताबिक, उन लोगों ने गालियां देनी शुरू कर दी और फिर साथ लाई लाठियों से वासाराम और बाकी लोगों की पिटाई की।

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