दलित नेता ने छोड़ा भाजपा का साथ

हाल ही में गुजरात में हुए दलित अत्त्याचार एवं भाजपा नेता द्वरा बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायाबती पर हुई अभद्र टिप्पणी का विरोध अपने राष्टीय स्तर पर पहुच चूका है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति मोर्चा के राज्य प्रमुख दीप चंद राम ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, जो की भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हुई.

अनुसूचित जाति मोर्चा के राज्य प्रमुख दीप चंद राम ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दिया

दीप चंद राम ने बताया की भाजपा नेता दयाशंकर के द्वारा की गई अभद्र टिप्पड़ी के बाद में पार्टी में रहकर घुटन महशुस कर रहा था. दीप चाँद राम दलित नेता होने के साथ साथ राज्य कार्यकारिणी के सदस्य थे दीप चंद राम ने दयाशंकर के खिलाफ नरेंद्र मोदी के नाम पत्र बी लिखा था.

दीप चंद राम ने यह फैसला ऐसे वक़्त लिया जब भाजपा दलितों पर हुए अत्त्याचार एवं बहुजन समाज पार्टी प्रमुख पर भाजपा नेता दयाशंकर द्वारा की गई टिप्पणी पर सड़क से लेकर संसद तक घिरी हुई है. हालांकि दीप चंद राम ने बसपा में शामिल होने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा, ”मैंने भाजपा के सभी पदों से इस्‍तीफा दिया। मैंने एक मेमारेंडम के जरिए सीधे प्रधानमंत्री को संदेश भेजा है.

जिसमें मैंने दलितों द्वारा झेले जा रहे मुद्दों पर उनका ध्‍यान खींचने की कोशिश की थी। उन्होंने धमकी दी कि अगर दयाशंकर गिरफ्तार नहीं होते तो वह अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन करेंगे।

दीप चंद राम ने बताया की उन्होंने 2013 में इसलिए बीजेपी ज्वाइन की थी की मोदी के सत्ता में आने के बाद देश में सद्भावना का माहौल बनेगा मोदी सरकार दलितों के हितों के लिए कार्य करेगी.

दीप चंद राम ने कहा की मायावती एक दलित नेता के साथ दलितों के लिए सम्मान का प्रतीक है जब कोई बीजेपी का नेता उन पर अभद्र टिप्पणी कर सकता है तो मेरे जैसे दलित नेता का पार्टी में क्या सम्मान होगा.

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