देश की आज़ादी में कुर्बान हुए मुस्लिम फ्रीडम फाइटर जिसमे औरतें भी शामिल थी, इन सब की जानकारी इस मोबाइल एप में

देश की आज़ादी के लिए कई लोग शहीद हुए थे जिन में से कुछ ही लोग है जिन्हे आप जानते है और ज्यादातर लोग हिन्दू कोम थे है यदि आप से कोई पूछे कि क्या आज़ादी में 10 – 15 मुसलमान फ्रीडम फाइटर्स के नाम गिनवा सकते हैं तो जवाब होगा ‘नहीं’

10 नाम जुटाने में आपको घंटों लग जाएं और बुक्स में ढूढ़ने लगेंगे. और ऐसा क्यों होता है इसके भी कारण है क्योंकि स्कूल से लेकर कॉलेज और यूनिवर्सिटी तक की किताबों में जिन मुसलमान फ्रीडम फाइटर्स से जुड़ी जानकारी गायब कर दी गई है जबकि मुल्क़ की आज़ादी में कमोबेश हर तरह के मुसलमानों ने बढ़-चढ़कर कुर्बानी दी थी.

1857 का दौर जब आज़ादी के लिए लोगो ने अपनी आवाज़ उठाई थी और उस ग़दर के दौरान तो दिल्ली की सड़कें पर मुसलमान बाशिंदों और मौलवियों से भरी पड़ी है. लेकिन अच्छी बात यह है कि अब ऐसे मुसलमानों से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करके दो लोगों ने मिलाकर एक MOBILE APPLICATION बनाया है और इस App 100 में से ज्यादा मुस्लिम लोगो की कहानी लिखी है जिन्होने अंग्रेज़ों को मुँह थोड़ जबाब दिया और अपने मुल्क हिन्दुस्तान को अंग्रेजों की कैद से आज़ाद करवाया है.

नसीर अहमद और खालिद सफीउल्लाह ने ‘मुस्लिम फ्रीडम फाइटर’ नाम का एप्लीकेशन बनाया है और उनका मकसद उन लाखों मुस्लिम वकीलों, डॉक्टरों, टीचरों, छात्रों और कारोबारियों और भी कई मुस्लिम लोगो के असली सच से रूबरू करना है जिनको आज की जनरेशन भूल चुकी है और इसमें केवल मुस्लिम मर्दो का नहीं बल्कि उन मुस्लिम महिलाओं का जिक्र है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए लड़ाई लड़ी थी.

देश को आज़ाद हुए 70 बरस हो गई लेकिन आज तक मुस्लिम की कुर्बानियों और उनके इतिहास दबाया और छिपाया गया है. और देश के शहीद जवानो में से मुस्लिम कोम का नाम दिया गया है उन सब की जानकारी इस एप्लीकेशन में है.