नजीब की बहन को पुलिस ने बिना वजह जबरदस्ती कर लिया गिरफ्तार

जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी के छात्र नजीब अहमद मांडवी हॉस्टल में होने वाले समिति चुनाव के प्रचार के दौरान एबीवीपी से टकराव के बाद से ही गायब है। महीनों गुजर जाने के बाद से अभी तक दिल्ली पुलिस ढूँढने में नाकाम रही है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सचिव पद के उम्मीदवाद विक्रांत के साथ किसी बात को लेकर झड़प हो गई थी।

जिसके बाद एबीवीपी के छात्रों ने बदला लेने के लिए दर्जनों गुंडों को फ़ोन करके बुलाया और उसके बाद नजीब अहमद को बुरी तरह पिटा भी गए। जब नजीब को बचाने के लिए हॉस्टल के वार्डन ने बीच-बचाव की तो एबीवीपी के गुंडों ने उनके साथ भी मारपीट कर डाली।

नजीब अहमद को लापता हुए तीन महीने होने जा रहे है लेकिन अभी तक नजीब अहमद का दिल्ली पुलिस कोई सुराग नहीं ढून्ढ पाई है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, नजीब अहमद एमएमसी बायोटेक फर्स्ट इयर का स्टूडेंट है और नजीब अहमद के परिवार वालों का कहना है कि, दिल्ली पुलिस इस केस के आरोपियों से पूछताछ नहीं कर रही है।

इसलिए इसी वजह से दिल्ली पुलिस अभी तक नजीब को ढूंढ नहीं पाई है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने ये ऐलान भी किया है कि, कोई भी नजीब अहमद की सूचना देगा उसे दिल्ली पुलिस की तरफ से पचास हजार रूपये की इनाम राशि भी दी जाएगी। लेकिन इसके बाद यह राशि एक लाख तक बढ़ा दी गई और अब यह राशि, जो कोई भी नजीब अहमद की सूचना देगा उसे पांच लाख रूपये का इनाम दिया जायेगा। लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक नजीब का कोई पता नहीं लगा है।