नोटबंदी- “पैसे निकालने गई महिला को सिक्योरिटी गार्ड ने दिया धक्का, हो गई मौत”

बेटी की शादी के लिए नोटबंदी के चलते पिछले 5 दिन से बैंक की लाइन में लगी महिला की मौत हो गई। सच सामने आया तो लोग भड़क उठे।

कब तक अपने ही पैसों के लिए आम जनता बैंको और एटीएम के चक्कर काटती रहेगी? केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद से ना जाने अब तक कितने ही लोगों की जान जा चुकी है।

आपको बता दें कि गुरुवार को पंजाब के लुधियाना में बैंक की लाइन में लगी 48 वर्षीय महिला की हार्ट अटैक से मौत हो गई। आरोप है कि पंजाब नेशनल बैंक की लुधियाना स्थित ब्रांच की लाइन में लगी महिला को दिल का दौरा उस समय पड़ा जब बैंक के सिक्योरिटी गार्ड ने कथित तौर पर महिला को धक्का दे दिया था।

मृत महिला का नाम आशा रानी बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आशा का लंबे इंतजार के बाद नंबर आया तो वह पैसे निकालने जा रही थी, इसी दौरान गार्ड ने उन्हें धक्का दिया। लोगों ने बताया कि इससे वह नीचे गिर गईं और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। हालांकि उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

आशा रानी पांच दिन से रोज बैंक से रुपये निकलवाने के लिए घर से निकलती थी, लेकिन बारी आने से पहले ही कैश खत्म होने की बात कह वापस भेज दिया जाता। गुरुवार सुबह भी वह पांच बजे बैंक के बाहर खड़ी हो गई। पड़ोस में रहने वाली निशा भी थी, जिसने उन्हें बताया कि बैंक के सिक्योरिटी गार्ड ने आशा को धक्का मारा जिससे वह गिर गई और भीड़ ने उसे कुचल दिया।

गुस्साए परिजनों ने बैंक के बाहर जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद बैंक वालों ने बैंक बंद कर दिया। बैंक के बाहर मौजूद लोगों ने भी पीड़ित परिवार का साथ दिया और रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने के बाद एसीपी सेंट्रल अमनदीप सिंह बराड़, थाना डिवीजन दो, तीन और छह की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कर जाम खुलवाया। उसके बाद लोगों ने बैंक के बाहर बुजुर्ग महिला आशा रानी का शव रखकर बैंक वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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