अब चलाने होंगे 500-1000 के पुराने नोट, गलती पड़ी भारी, घिरी मोदी सरकार

नोटबंदी पर सरकार नए संकट में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट के दो सवालों ने सरकार की पेशानी पर बल ला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि जब ये पॉलिसी बनाई गई थी तो क्या यह एक सीक्रेट था। अदालत ने केंद्र से इस बारे में तथ्य रखने को कहा है।

कोर्ट ने यह भी पूछा कि सरकार हर हफ्ते हर खातेदार को 24 हजार रुपये देने में सक्षम क्यों नहीं है। नोटबंदी पर सरकार घिरी कोर्ट ने कहा कि एक न्यूनतम राशि होनी चाहिए जो कि हर हफ्ते हर खातेदार निकाल सके। कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या जिला सहकारी बैंकों में पुराने नोट बदलने और जमा करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

अब सरकार को इन सारे सवालों के जवाब देने होंगे। सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पक्ष रख रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। शुक्रवार को सुनवाई हुई। 14 दिसंबर को अगली तारीख दी गई।

अगले पेज पर जानें, कैसे और क्यों चलाने होंगे पुराने नोट

अगले पेज पर जाने के लिए Next बटन क्लिक करें