RSS के कार्यकर्ता शरद मादीवाला को हमलवारों से बचा एक मुस्लिम ने पहुँचाया हॉस्पिटल

RSS के अनुभवी कार्यकर्ता शरद मादीवाला की मृत्यु के बाद भारत में स्थित दक्षिण के कन्नड़ जिले के बंतवाल जिले में शरद मादीवाला का अंतिम संस्कार किया गया. लेकिन इस अंतिम संस्कार में शामिल होने आये व्यक्तियों ने में से कुछ ने वहां हिंसा का माहौल पैदा कर दिया.

लेकिन असल मामला ये था कि वे लोग कथित तौर पर पुलिस से उलझ गए थे और उन्होंने पत्थरबाजी भी की थी. लेकिन जब लोगो ने हिंसा शुरू कि तो वंहा की स्थिति आउट ऑफ़ कंट्रोल हो गई लेकिन उस को कण्ट्रोल करने के लिए पुलिस ने वंहा मौजूद लोगो पर लाठी चार्ज भी किया. और पुलिस ने उन लोगो को पकड़ा जो हिंसा कर रहे थे जिनकी संख्या लगभग 30 से ज्यादा थी.

और इसमें कुछ कुछ थे जिसमें बीजेपी सांसद शोभा करनडालजे और नलिन कुमार कतिल भी शामिल थे. उन लोगों पर इस विरोध को करने और हिंसा करने का आरोप लगाया गया है.और ये मामला हुआ तब जब आरएसएस कार्यकर्ता शरद मादीवाला पर 4 जुलाई की रात को उनपर उस समय हमला हुआ था जब वह अपनी लाउंड्री शाप के बाद घर जा रहे थे.

तब 3 लोग बाइक पर सवार होकर आये और उन्होंने मादीवाला पर हमला कर दिया. और हमला ऐसा किया गया था उनका बचना नामुमकिन था. क्योंकि उन हमलावरों ने जान से मारने की नियत से हमला किया था. और उन पर हमला हुआ तब जब वो घायल हो गए तो पास में फल बेचने वाले अब्दुल रौउफ मादिवाला को हॉस्पिटल लेकर गए थे.

लेकिन शुक्रवार की रात को मादिवाला की मृत्यु हो गई जिससे सभी लोगो बढ़ा दुःख हुआ और पुरे मामले में मादीवाला के पिता का कहना है कि यहाँ इस जगह पर ऐसी घटनाएं बहुत ही ज्यादा बढ़ रही है. उनको पुलिस पर भरोसा नहीं है कि वे लोग उनके बेटे के कातिल को ढूंढ पाएंगे. जब पुलिस पहले के मामलों को ही नहीं सुलझा पाई तो उनके बेटे को न्याय कहां से दिलाएगी ?