ऊना में दलितों की पिटाई: चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार, 34 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

गुजरात के ऊना में स्वयंभू गोरक्षकों द्वारा कथित तौर पर सात दलित युवकों की पिटाई के करीब दो महीने बाद राज्य पुलिस ने बुधवार(7 सितंबर) चार पुलिसकर्मियों समेत 34 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इन चारों पुलिसकर्मियों को कर्तव्य नहीं निभाने और अपराध नहीं रोक पाने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।

सीआईडी ने मामले में तीन नाबालिगों के खिलाफ जूनागढ़ की एक किशोर अदालत में अलग से आरोपपत्र भी दाखिल किया। गिर-सोमनाथ जिले में ऊना तालुक के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए यू जुजारू के समक्ष 34 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।

उना थाने से संबंद्ध इन पुलिसकर्मियों की पहचान निरीक्षक निर्मल सिंह झाला, उप-निरीक्षक नरेंद्र पांडेय, हैड कांस्टेबल कांजी चूड़ासमा और महिला सहायक उप निरीक्षक कंचनबेन परमार के रूप में हुई है। पांडेय को छोड़कर शेष तीन निलंबित हैं। इन सभी को आरोपपत्र दाखिल करने से पहले ऊना में गिरफ्तार किया गया।

सीआईडी के अनुसार पुलिसकर्मियों ने कथित आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करके अपने पद का दुरुपयोग किया। आरोप है कि चार दलितों को स्वयंभू गोरक्षकों ने करीब 4-5 घंटे तक पीटा, लेकिन इन पुलिस वालों ने अपराध को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कथित तौर पर आरोपियों के साथ मिलीभगत करके उनकी मदद के लिए कुछ प्राथमिकी से जुड़े दस्तावेज तैयार किए।

सीआईडी-अपराध के महानिरीक्षक एस एस त्रिवेदी ने कहा कि ‘‘कुल मिलाकर हमने 43 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ये पुलिसवाले भी शामिल हैं, जिन्होंने अपना कर्तव्य नहीं निभाया। #source हिंदी कोबरापोस्ट

अपनी कीमती राय ज़रूर दें, शुक्रिया! नए अपडेट पाने के लिए फेसबुक पेज ज़रूर Like करें, और अपने दोस्तों को भी दावत दें