जब रसूल ऐ खुदा हजरत मुहम्मदﷺ ने लोगों को दीन ऐ-इस्लाम की बातें बतानी शुरू की

Homeमजहबएक बूढी औरत थी जो मक्के में उस दौर में रहती थी जब रसूल ऐ खुदा हजरत मुहम्मदﷺ ने लोगों को दीन ऐ-इस्लाम की बातें बतानी शुरू की… एक बूढी औरत थी जो मक्के में उस दौर में रहती थी जब रसूल ऐ खुदा हजरत मुहम्मदﷺ ने लोगों को दीन ऐ-इस्लाम की बातें बतानी शुरू की

एक बूढी औरत थी जो मक्के में उस दौर में रहती थी जब रसूल ऐ खुदा हजरत मुहम्मदﷺ ने लोगों को दीन ऐ-इस्लाम की बातें बतानी शुरू की थी एक ईश्वर अल्लाह की वहदानियत का पैगाम देना शुरू किया था उस बूढी औरत को लोगों ने कहा यह कोई जादूगर है!

उससे दूर रहना क्यूँ की वो जिससे बात करता है!
या जो उससे मिलता है!
वो उसकी बातों में आ जाता है!
और दीन ऐ-इस्लाम को अपना धर्म मान लेता है!

-वो बूढ़ी औरत इस बात से डर गयी और उसने मक्का छोड़ने का फैसला कर लिया वो अपना सामान एक गठरी में बांध कर सफ़र पे निकल पडी सामान वजनी था और औरत बूढी बड़ी मुश्किल से आगे बढ़ पा रही थी उसे रास्ते में एक ख़ूबसूरत शख्स मिला जिसने उसका सामान उठा लिया और बोला कहाँ जाना है!

बता दो और उस बूढी औरत को उस इलाके के बहार पहुँच दिया रास्ते में वो औरत बताती जा रही थी की एक शख्स मक्के में हैं! जो जादूगर है! लोगों को गुमराह कर रहा है! इसीलिए वो उस शख्स की पहुँच से दूर जा रही हूँ जब वो बूढी औरत उस ख़ूबसूरत शख्स की मदद से मंजिल पे पहुँच गयी तो उस औरत ने कहा बेटा तुमने अपना नाम नहीं बताया कौन हो और कहाँ के रहने वाले हो-?

उस ख़ूबसूरत शख्स ने जवाब दिया मैं वही मुहम्मद हूँ जिसके बारे में तुम रास्ते में मुझे बता रही थी और जिससे दूर तुम जाना चाह रही हो उस औरत को बड़ा ताज्जुब हुआ और उसने पुछा की तुम सब कुछ जानते थे फिर भी मुझे मंजिल पे पहुंचा दिया और मेरी इतनी मदद भला क्यूँ की-? -रसूल ऐ खुदा हजरत मुहम्मदﷺ ने कहा अल्लाह का हुक्म है!
कि कमज़ोर और मजबूर मजलुमो की मदद करो इस से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो किस कौम क़बीले का है!

वह बूढी औरत रसूल ऐ खुदा हजरत मुहम्मद ﷺका हुस्ने-सुलूक देखकर अचंभित थी उसने कहा कि अगर आप ही मुहम्मद ﷺहैं तो मैं आप पर ईमान लाती हूँ! ग़ोया जिस मज़हब के कानून इतने बेहतरीन अच्छे हैं! तो उसका पैग़ाम पहुंचाने वाला जादूगर या झूठा कैसे हो सकता है-? तो सुनो मुसलमानों हम आप कितना रसूल अल्लाह ﷺ की प्यारी प्यारी सुन्नत और उनकी हुस्ने अख़लाक़ से लबरेज सीरत पर अमल करते है.